उपभोक्ता शिक्षा तथा उपभोक्ता संरक्षण
Abstract
उपभोक्ता को उत्पादकों की धोखाधड़ी से बचाने के लिए समय की मांग है- उपभोक्ता सरंक्षण। इसमें उपभोक्ता शिक्षा, उसके अधिकार तथा कर्तव्य सभी इसके अंतर्गत आ जाते हैं। वर्तमान समय में उपभोक्ता में किसी के पास समय की तथा किसी के पास धन की कमी है। अतः निर्माता या विक्रेता उसका अनुचित लाभ न उठा पाये इसके लिए 'जागो ग्राहक जागो' का कैम्पन आरंभ किया गया है। उपभोक्ता को किसी भी सेवा या सुविधा का उपयोग करने से पहले उससे संबन्धित सेवा शर्तों को ध्यानपूर्वक पढ़ लेना चाहिए। किसी भी वस्तु की खरीददारी करते समय सचेत रहना चाहिए। आज उपभोक्ता को उत्पादकों की मनमानी का शिकार होना पड़ रहा है, आज निर्माता या विक्रेता लाभ कमाने के लिए गलत तरीकों से या गलत उत्पादों का उपयोग करते है। हमारी जरा सी भी लापरवाही कभी कभी जानलेवा सावित हो सकती है। वर्तमान समय में उपभोक्ता संरक्षण की महती आवश्यकता है। उपभोक्ता संरक्षण का तात्पर्य है कि उपभोक्ता अपने अधिकारो के प्रति जागरूक हों। प्रत्येक उपभोक्ता को उपभोक्ता शिक्षा की जानकारी अवश्य होनी चाहिए, क्योंकि सही खरीददारी में ही समझदारी है। भारत एक ऐसा देश है, जहाँ आधी से ज्यादा आबादी अज्ञानता से भरी हुई है, ऐसे देश में उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए 'जागो ग्राहक जागो' को शीर्ष प्राथमिकता दी है। विश्व भर में 15 मार्च को विश्व उपभोक्ता दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारत में 24 दिसम्बर को 'राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस के रूप में मनाया जाता है।